उत्तरकाशी

उत्खनित पुरास्थल, पुरोला जनपद उत्तरकाशी

कमल नदी के किनारे स्थित इस प्राचीन स्थल का उत्खनन हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय श्रीनगर-गढ़वाल द्वारा कराया गया। उत्खनन में चित्रित धूसर मृदभाण्ड, शुंग, कुषाण कालीन पुरावशेष एवं कुणिन्द शासकों की मुद्रायें प्राप्त हुईं। मुख्य आकर्षण का केन्द्र उत्खनन में प्राप्त ईंटों से निर्मित प्रथम शताब्दी ई0 की श्येनचित्ति (उड़ते हुए गरूड़ के आकार की वेदिका) है जो तत्कालीन समय की धार्मिक परम्परा को इंगित करती है।