नैनीताल

प्राचीन स्मारकों के ध्वंसावशेष, वैराट पट्टन, ढिकुली, जनपद-नैनीताल

गोविषाणा की प्राचीन राजधानी वैराट पट्टन के पुरावशेष ढिकुली में जिम कार्बेट राष्ट्रीय आरक्षित वन क्षेत्र में फैले हुये हैं। 7वीं शताब्दी ई0 में चीनी यात्री ह्वेनसांग यहां आया था, उसने भी अपने यात्रा विवरण में इस स्थल का उल्लेख किया है। घने जंगल होने के कारण इस पुरास्थल पर आसानी नहीं पहुंचा जा सकता। लेकिन पूर्व में प्रकाश में आए पत्थरों से निर्मित कुछ चबूतरों के अवशेष, पत्थर के स्तंभ के नमूने, शेर व अन्य प्रस्तर मूर्तियां, अलंकृत स्तम्भ के अवशेष वर्तमान मन्दिर के निकट पहाड़ की ढाल पर प्राप्त हुये। चूंकि यह स्थल मध्य हिमालय पहाडि़यों के द्वार पर अथवा तराई क्षेत्र में स्थित है अतः उस समय व्यापारियों के लिए ठहरने में उपयोग होता होगा इसी कारणवश इसका नाम पट्टन पड़ा।

प्राचीन मन्दिर सीताबनी, जनपद-नैनीताल

मन्दिर जिस स्थान पर बना है इस जगह ऋषि बाल्मीकि की कुटिया बतायी जाती है। कई आमलक पत्थर, सिर विहीन नृत्य करती हुई गणेश की खण्डित मूर्ति, द्वार शाखायें , अलंकृत स्तम्भ एवं आमलक वर्तमान मन्दिर के आस-पास से प्रकाश में आने से इसके पुरास्थल होने के स्वतः प्रमाण देते हैं, हालांकि यहाँं निर्मित वर्तमान सीता मन्दिर काफी बाद के काल में निर्मित हुआ।